देहरादून, 3 नवंबर। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाकर देहराखास में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया, जबकि डोईवाला के फतेहपुर माजरीग्रांट में करीब 13 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
देहराखास में पथरी बाग चौक के पास मयंक डोभाल की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण कराया जा रहा था। शिकायत के बाद निरीक्षण करने पहुंची प्राधिकरण की टीम ने निर्माण को सील कर दिया। वहीं, फतेहपुर माजरीग्रांट में राजेश पंत एवं अन्य की ओर से करीब 13 बीघा भूमि पर बिना अनुमति प्लॉटिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
एमडीडीए की कार्रवाई संबंधित क्षेत्रों के सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण और बिना अनुमति प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। प्रत्येक निर्माण स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति प्लॉटिंग और अवैध निर्माण से शहर के नियोजित विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि की स्थिति, स्वीकृत लेआउट और प्राधिकरण की अनुमति की जांच अवश्य करें। बिना स्वीकृति वाले भूखंडों में निवेश से बचें और निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराएं।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और बिना स्वीकृति निर्माण या प्लॉटिंग मिलने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य आमजन के हितों की रक्षा के साथ शहर के सुनियोजित विकास को बनाए रखना है।
